जिओ का नेटवर्क बना ‘जी’ का जंजाल
उपभोक्ताओं के साथ खिलवाड़ कर रही है कंपनी
धमधा/ जिलेभर में जिओ का नेटवर्क उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक स्थिति यह है कि न तो फोन कॉल ठीक से हो पाती है और न ही इंटरनेट चलता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिओ कंपनी केवल सिम बेचने में रुचि दिखा रही है, जबकि नेटवर्क सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
लोगों का आरोप है कि जिओ कंपनी के प्रतिनिधि रोजाना कॉल करके रिचार्ज कराने का दबाव बनाते हैं, लेकिन जब मोबाइल में नेटवर्क ही नहीं रहता तो रिचार्ज कराने का क्या फायदा? नागरिकों का कहना है कि बिना सेवा के पैसे देना तो जैसे “दान” देने जैसा हो गया है। कंपनी की सेवाओं से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है।
धमधा सहित घोटवानी ,खैरझिटी, रौंदा जैसे ग्रामीण अंचल के उपभोक्ता तो पूरी तरह से संचार से कट चुके हैं। विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है क्योंकि ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम में निरंतर बाधा उत्पन्न हो रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनी लगातार नई सिम बेचकर अपने उपभोक्ता बढ़ाने का दावा तो करती है, परंतु मौजूदा ग्राहकों की समस्या सुलझाने में पूरी तरह विफल रही है। लोगों का यह भी कहना है कि जिस तरह दिया बुझने से पहले टिमटिमाता है, उसी तरह जिओ का नेटवर्क भी आज “फड़फड़ा” रहा है और शायद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।
कंपनी को चाहिए कि वह उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए तुरंत नेटवर्क सुधार कार्य शुरू करे, अन्यथा उपभोक्ता अब वैकल्पिक नेटवर्क की ओर रुख करने पर मजबूर हो जाएंगे।

