साहब पांच महीने से वेतन नहीं मिला, दिवाली कैसे मनाएं, शिक्षा विभाग के सबसे छोटे कर्मचारीयों का दुःख कौन सुनेगा?
हेमंत उमरे CG सच तक धमधा/ साहब दुर्ग जिला के विकासखण्ड धमधा के स्कूल सफाई कर्मचारियों का पांच माह से वेतन नही मिला है।उनके घर में बीबी बच्चे नए कपड़े व पटाखे मांग रहे है ,आज धनतेरस है कल दीपावली है और उनके पास पैसे नही है। विकासखण्ड धमधा में लगभग 280 स्कूल सफाई विभिन्न स्कूलों में काम करते हैं।
इन कर्मचारियों को जुन से लेकर अक्टूबर माह तक का वेतन नहीं मिला है, हालांकि यह लोग बिच में हरताल पर थे जिसका भी वेतन देने शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया जा चुका है। जिसके बावजूद इन छोटे कर्मचारी को दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर वेतन नसीब नहीं हुआ।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमधा की सुस्त रवैया के चलते वेतन बैंक में देरी से भेजा गया जिसके चलते बैंक कर्मचारीयों ने वेतन इनके खातों में ट्रांसफर नहीं किया।
बैंक ऑफ इंडिया धमधा ब्रांच में जब सफाई कर्मचारी प्रहलाद सेन हाथ जोड़कर बैंक कर्मी से विनती करने लगें की मैडम जी आज धनतेरस है वेतन खाते में डाल दो, तब उसे त्योहार के बाद आना आप लोगों का चेक लेट से आया यह कहते हुए उसे भगा दिया गया और यह भी कहां गया की त्योहार के बाद तुम्हारा वेतन आयेगा।
आंसू बहाते हुए वह कर्मचारी इस पीड़ा को अपने अन्य साथियों को बताया जिससे उनके अन्य साथी भी बहुत मायूस हुए।
संग के संरक्षक नारायण जोशी का कहना है विकासखण्ड धमधा शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा के आने के बाद हम छोटे कर्मचारियों पर ध्यान नहीं देते ,ऐसा पहली बार हुआ है जब दिवाली जैसे बड़े त्योहार में बिना वेतन दिवाली मनानी पड़ रही है ।
और सिर्फ ग्रामीण बैंक वालों का वेतन आया है और अन्य बैंक के खाता धारक बिना वेतन दिवाली मनाने मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आदेश का नहीं हुआ पालन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट रुप से आदेश जारी किया है की सभी विभागों के कर्मचारियों को दिवाली के पुर्व वेतन भुगतान किया जाएं लेकिन इनका पालन नहीं हुआ।

