नवीन पाठ्य पुस्तक एफएलएन प्रशिक्षण द्वितीय चरण संपन्न
एफएलएन प्रशिक्षण से मजबूत होगी बच्चों की बुनियादी नीव

हेमंत उमरे CG सच तक धमधा/ जिला शिक्षा कार्यालय दुर्ग एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग अछोटी के संयुक्त तत्वावधान मे बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण का आयोजन 12 से 16 जनवरी तक विकासखंड स्तोत्र केन्द्र धमधा में किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा के मार्गदर्शन मे एव विकासखंड स्तोत्र समन्वयक केशव पटेल के संयोजन मे संपन्न हुआ।

बेसिक शिक्षा मजबूत होगी तो भविष्य भी सुदृढ़ होगा
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक नींव जितनी मजबूत होगी, उनका भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। प्रारंभिक कक्षाओं में बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। बी आर सी केशव पटेल ने कहा कि Helicopter बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान देना हम सभी शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे गंभीरता से निभाना होगा।
राज्य व जिला स्तर के विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण
प्रशिक्षण का निरीक्षण ऑफलाइन और आनलाइन एससीईआरटी और डाइट दुर्ग,जिला टीम के द्वारा निरंतर किया गया एसआरजी लालिमा चंद्राकर द्वारा प्रशिक्षण का मॉनिटरिंग किया गया।
नवीन पाठ्य पुस्तक की विशेषता
बी आर जी सूर्यकात हरदेल ने नवीन पाठ्यपुस्तकों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पाठ्यक्रम में 90 प्रतिशत भाग
एनसीईआरटी, नई दिल्ली तथा 10 प्रतिशत स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें रटने की बजाय समझ आधारित अध्ययन, गतिविधियां और खेल को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने शिक्षकों से नए सुझाव भी आमंत्रित किए। सुनील बंछोर ने कहा कि बच्चों का समग्र विकास ही हमारा मुख्य लक्ष्य है और उसी दिशा में शिक्षण कार्य होना चाहिए।
विनोद साहू ने सही उच्चारण और चित्रों के माध्यम से शिक्षण पर बल देते हुए कहा कि गलत उच्चारण बच्चों में समझ की कमी पैदा करता है, जिससे वे शाला त्याग की ओर बढ़ सकते हैं। इसलिए चरणबद्ध और स्पष्ट शिक्षण आवश्यक है। सपना दुबे ने पुरानी एवं नवीन पाठ्यपुस्तकों की तुलना करते हुए शिक्षकों को व्यावहारिक जानकारी दी।
एनईपी 2020 और एनसीएफ 2022 पर आधारित सत्र
मास्टर ट्रेनर सूर्यकान्त हरदेल और बंशी लाल साहू ने एनसीएफ-2022 एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में चार-ब्लॉक मॉडल, मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, पठन-लेखन, संतुलित भाषा एवं विभिन्न प्रकार के आकलन पर विस्तृत चर्चा की। मास्टर ट्रेनर चित्रेन पटेल ने बुनियादी गणित. घटक, निपुणता, उनके दृष्टिकोण, चार-ब्लॉक मॉडल एवं लर्निंग पिरामिड की जानकारी दी।
योग और कला शिक्षा को नवीन पाठ्य पुस्तक के रूप में शामिल
कला शिक्षण में कलाकारों द्वारा विभिन्न कला का प्रदर्शन किया गया,संगीत,नृत्य,अभिनय ,रंग मंच की प्रस्तुति दिया गया। योग शिक्षा में वीरेंद्र कुमार देवांगन प्रशिक्षक के द्वारा विभिन्न योगासन,प्रक्रिया और महत्व को बताया गया और डेमो दिखाया गया।
गतिविधि आधारित प्रशिक्षण से बढ़ रही सहभागिता
मास्टर ट्रेनर नम्रता देवांगन ने प्रशिक्षण के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना तथा बच्चों में अक्षर ज्ञान और संख्या ज्ञान विकसित करना एफएलएन कार्यर म का मूल लक्ष्य है। नवीन पाठ्यपुस्तकें खेल और गतिविधि आधारित हैं। मूल्यांकन एवं सृजनात्मक पाठ योजनाओं के माध्यम से पाठ प्रदर्शन कराया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण अत्यंत रोचक और प्रभावी बन गया है।
प्रशिक्षण में सम्मिलित प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण और रुचिकर अपने फीड बैक में बताया,नवीन पाठ्य पुस्तक को किस प्रकार से व्यवस्थित रूप में पढ़ाया जाना है सीखने की प्रतिक्रिया व्यक्त किया।विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड श्रोत समन्वयक, डाइट दुर्ग, डीआरजी नीलमचंद ताम्रकार, अशोक कुमार वर्मा, बीआरजी सूर्यकान्त हरदेल, चित्रेण कुमार पटेल,सपना दुबे, संतोषी निषाद,सुनील कुमार बंछोर, विनोद कुमार साहू,बंशीलाल साहू, नम्रता देवांगन सभी की सहभागिता सफलता पूर्वक प्रशिक्षण का द्वितीय चरण संपन्न हुआ।

