खाद्य विभाग में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और 20 जुलाई तक चावल वितरण सीमा बढ़ाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि 3.41 करोड़ बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन करना होगा, मशीन रिप्लेसमेंट की चलते इस कार्य में देरी हुई हैं ।
प्रदेश के राशनकार्ड धारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आयी है। लाभार्थियों को तीन महीने का एकमुश्त राशन 20 जुलाई तक मिल सकता है। इसके लिए खाद्य विभाग में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और 20 जुलाई तक चावल वितरण सीमा बढ़ाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि 3.41 करोड़ बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन करना होगा, मशीन रिप्लेसमेंट की चलते इस कार्य में देरी हुई है। माना जा रहा है कि जल्द ही केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मिल जाएगी और लोगों को 20 जुलाई तक तीन महीने का राशन एकमुश्त मिल सकेगा।
एक साथ तीन माह का राशन वितरित किए जाने के निर्णय से परेशानी
आपको बता दें कि एक साथ तीन माह का राशन वितरित किए जाने के निर्णय से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही राशन दुकानों के बाहरी गेट खुलते है, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इसका मुख्य कारण मोबाइल पर ओ.टी.पी. का न आना ,फिंगरप्रिंट न मिलाना तथा सर्वर का डाऊन रहने के चलते एसा हो रहा है। यह समस्या लगातार बनी हुई है। इसकी वजह से राशन दुकानों में विवाद की स्थिति बन रही है।
दिन भर में 20 से 25 लोगों को ही दे पा रहा राशन
राशन दुकानों के सामने लंबी कतारें लगी हैं, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना दुकानदारों के लिए मुश्किल हो गया है। कई दुकानों में तो स्थिति यह हो गई है कि राशन विक्रेता दरवाजा ही नहीं खोल पा रहे हैं। उपभोक्ताओं की ओर से ओटीपी जनरेट न होना और फिंगरप्रिंट मैच न करना सर्वर बार-बार डाउन होना प्रमुख समस्या है, इन सब के चलते स्थिति यह हो गई है कि दिन भर में राशन विक्रेता 20 से 25 लोगों को ही राशन दे पा रहा है जिससे राशन वितरण की प्रक्रिया ठप पड़ जाती है।
उपभोक्ता सुबह से लंबी कतार में खड़े हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही। लाइन से लगने और जल्दी राशन पाने की होड़ में धक्का-मुक्की और झगड़े की स्थिति बन रही है। कई जगहों पर महिला, बुजुर्ग और बच्चे इस अफरा-तफरी का शिकार हो रहे हैं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ रहा है।

