धमधा वार्ड-02: 25 लाख के सामुदायिक भवन का रास्ता साफ, RI रिपोर्ट में 'तालाब' का दावा निकला फर्जी"

धमधा / नगर पंचायत धमधा के वार्ड क्रमांक 02 में अधोसंरचना मद के तहत स्वीकृत 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। कुछ लोगों द्वारा इसे 'तालाब' की भूमि बताकर किए जा रहे विरोध की हवा सरकारी दस्तावेज़ों और राजस्व निरीक्षण (R.I.) की रिपोर्ट ने निकाल दी है। वर्तमान ग्राउंड रियलिटी यह है कि यह पूरी ज़मीन पिछले 20 वर्षों से पूरी तरह समतल है और यहां कोई तालाब अस्तित्व में नहीं है।
नगर पंचायत परिषद की साधारण बैठक में इस निर्माण कार्य को बहुमत से स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बाद राजस्व विभाग के आर.आई. और पटवारी द्वारा किए गए संयुक्त स्थल निरीक्षण में भी यह प्रमाणित हुआ है कि खसरा नंबर 1719/2 (मद आबादी) की यह 18 डिसमिल भूमि वर्तमान में पूरी तरह समतल व रिक्त है।
ग्राउंड रिपोर्ट के मुख्य तथ्य:
पूर्व में भी हुए निर्माण: इसी पैच पर पूर्व में दो आंगनबाड़ी भवन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 परिवारों के मकान बनाए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि यहां वर्षों से समतल आबादी भूमि है।
बेजा कब्जा से सुरक्षा: वर्तमान में बची हुई 18 डिसमिल रिक्त भूमि को भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमण से बचाने के लिए वहां शासकीय भवन का निर्माण बेहद आवश्यक है।
सर्वसमाज को लाभ: इस वार्ड और आस-पास के गरीब परिवारों, विशेषकर मुसलमान समाज, ढीमर समाज, राउत समाज, गोड़ समाज और मरार समाज के लोगों के पास शादी-व्याह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कोई भवन नहीं है। यह भवन बनने से इन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
विपक्ष का दोहरा चरित्र उजागर:
शिकायतकर्ताओं पर निशाना साधते हुए स्थानीय पार्षदों व मोहल्लावासियों ने बताया कि जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वे स्वयं वर्ष 2009 से 2015 के बीच नगर पंचायत के अध्यक्ष व महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उनके अपने कार्यकाल में इसी भूमि पर आंगनबाड़ियों का निर्माण हुआ और उनके करीबियों द्वारा समीपस्थ ज़मीन पर खेती व अतिक्रमण के प्रयास किए गए, लेकिन तब उन्होंने तालाब को 'पूर्ववत' करने की कोई पहल नहीं की।
कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) धमधा को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि कुछ लोगों के निजी व राजनीतिक स्वार्थ के कारण जनहित के इस बड़े प्रोजेक्ट को न रोका जाए और क्षेत्र के गरीब तबके के हित में जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराया जाए।
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मलिक मोहमद (पार्षद वार्ड न. 02) :- "यह विरोध सिर्फ राजनीति से प्रेरित है..."
"यह ज़मीन पिछले 20 साल से समतल है। हमारे वार्ड के गरीब परिवारों (मुसलमान, ढीमर, राउत, मरार समाज) के पास शादी-ब्याह या सुख-दुख के कार्यक्रमों के लिए कोई जगह नहीं है। जब इसी ज़मीन पर पहले आंगनबाड़ी और पीएम आवास बने, तब विरोध क्यों नहीं हुआ? आज जब गरीबों के लिए 25 लाख का भवन मंजूर हुआ है, तो कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने और बची हुई 18 डिसमिल सरकारी ज़मीन पर कब्जा करवाने की नीयत से अड़ंगा लगा रहे हैं। हम इसे रुकने नहीं देंगे।"
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श्वेता प्रशांत अग्रवाल (अध्यक्ष धमधा नगर पंचायत ):-"वार्ड क्रमांक 02 में सामुदायिक भवन का निर्माण जनहित और वहां के गरीब तबके की जरूरत को देखते हुए कराया जा रहा है। परिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद आर.आई. द्वारा मौके का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट दी जा चुकी है, जिसमें ज़मीन के समतल होने की पुष्टि हुई है। बची हुई सरकारी ज़मीन को बेजा कब्जा से बचाना और जनोपयोगी बनाना हमारा कर्तव्य है। किसी भी प्रकार का भ्रामक विरोध विकास कार्य को नहीं रोक सकता।"
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"पिछले 20 साल से हम इस मैदान को समतल देख रहे हैं, यहां कोई तालाब नहीं है। साथ हीं यहाँ पर 2 आंगनबाड़ी केंद्र भी बन चुके है अगर यहां सरकारी भवन नहीं बना, तो भू-माफिया इस बची हुई 18 डिसमिल ज़मीन पर भी अवैध कब्जा कर लेंगे। शासन को तुरंत यहां निर्माण शुरू कराना चाहिए।"
— कलीम कुरैशी (स्थानीय निवासी)
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"मंजूर हुई सरकारी राशि को वापस भेजना वार्ड के साथ अन्याय होगा"
"सालों की मांग के बाद सरकार ने हमारी बस्ती के लिए 25 लाख रुपये मंजूर किए हैं। जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वे विकास विरोधी हैं। अगर यह पैसा वापस चला गया, तो नुकसान सिर्फ यहाँ के गरीब तबके का होगा। समतल ज़मीन पर तुरंत काम शुरू होना चाहिए।"--- लक्ष्मण पटेल (स्थानीय निवासी )


